{"product_id":"pracheen-bharat-ka-itihas-evam-sanskriti-3e","title":"Pracheen Bharat ka Itihas evam Sanskriti (3e)","description":"\u003cp\u003e\u003cmeta charset=\"utf-8\"\u003e\u003cspan data-sheets-root=\"1\"\u003eइस पुस्तक में पाषाणकाल से 12वीं सदी तक के इतिहास की तर्कसंगत व अत्यन्त उपादेय पठनीय सामग्री सम्मिलित की गई है। सिन्धु-सरस्वती सभ्यता के विभिन्न पक्षों को अलग-अलग अध्यायों में वैदिक सांस्कृतिक जीवन पर सप्रमाण विस्तार दिया गया है। बौद्ध कालीन धार्मिक बदलाव नगरीकरण व आर्थिक विकास के साथ भारतीय राजनीति में मौर्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था सिविल सेवा अभ्यर्थियों को कुछ नया करने की प्रेरणा देती है।\u003cbr\u003eदक्षिण भारत का संगमकालीन जीवन व परम्परायें शुंग-सातवाहन कालीन राजनीति व कलात्मक विकास अत्यन्त उपयोगी है। गुप्तकालीन स्वर्णिम युग का वर्तमान भारतीय जीवन पर अत्यधिक प्रभाव देखा जाता है। तत्कालीन शिक्षा साहित्य कला की समालोचनात्मक प्रस्तुति की गई है। राजपूतकालीन समाज व्यापार-व्यवसाय शंकराचार्य का योगदान चोलकालीन ग्रामीण प्रशासन विज्ञान एवं तकनीकी विकास भारत की दार्शनिक परम्परायें भाषा साहित्य धर्म एवं विश्वास कला तथा स्थापत्य अर्थात् जीवन के प्रत्येक पक्ष की प्रस्तुति का प्रयास किया गया है। सिविल सेवा राज्य सेवा परीक्षाओं के अतिरिक्त नेट (NET) एवं स्लेट (SLET) तथा विश्वविद्यालय स्तरीय विद्यार्थियों के लिए ये पुस्तक अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हुई हैं।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eमुख्य विशेषताएं\u003cbr\u003eसिविल एवं राज्य सेवा परीक्षा के सामान्य अध्ययन एवं इतिहास विषय संबंधित बिंदुगत विवेचन।\u003cbr\u003eप्राचीन इतिहास पुरावशेष एवं विविध घटनाओं का चित्रात्मक विश्लेषण एवं प्रस्तुति।\u003cbr\u003eविश्वसनीय स्त्रोतों पर आधारित सरल सुबोध एवं पठनीय अध्ययन सामग्री।\u003cbr\u003eसिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2025 का नवीनतम इतिहास विषयक प्रश्न पत्र।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"GK Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50358675013825,"sku":"9789369149599","price":620.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0822\/5171\/0657\/files\/PrachinBharatkaItihaasEvamSanskritiFront.jpg?v=1782478945","url":"https:\/\/gkpublications.com\/products\/pracheen-bharat-ka-itihas-evam-sanskriti-3e","provider":"GK Publications","version":"1.0","type":"link"}