UPSC 2026 सिलेबस: प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम
अगर आप IAS, IPS, IFS या किसी भी केंद्रीय सेवा में जाना चाहते हैं, तो UPSC (Union Public Service Commission) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करना जरूरी है। यह भारत की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों छात्र इसमें बैठते हैं, लेकिन कुछ सौ ही सफल हो पाते हैं।
तो सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम क्या है? — सिलेबस को अच्छी तरह समझना।
इस ब्लॉग में हम UPSC 2026 के पूरे सिलेबस को आसान भाषा में समझेंगे।
UPSC 2026 परीक्षा: एक नज़र में
UPSC CSE 2026 तीन चरणों में होती है:
- प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) — 24 मई 2026
- मुख्य परीक्षा (Mains) — 21 अगस्त 2026 से
- साक्षात्कार (Interview / Personality Test)
UPSC 2026 में कुल 933 रिक्तियाँ हैं जिनमें IAS, IPS, IFS, IRS समेत कई केंद्रीय सेवाएं शामिल हैं। परीक्षा हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों माध्यमों में होती है।
भाग 1: प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) सिलेबस
प्रारंभिक परीक्षा एक स्क्रीनिंग टेस्ट है — यानी इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन Mains में जाने के लिए यह पास करना अनिवार्य है।
इसमें दो पेपर होते हैं — दोनों एक ही दिन:
पेपर 1 — सामान्य अध्ययन (GS Paper I)
- कुल प्रश्न: 100
- कुल अंक: 200
- समय: 2 घंटे
- नकारात्मक अंकन: हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटते हैं
मुख्य विषय:
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय करंट अफेयर्स — देश-विदेश की ताज़ा घटनाएं, सरकारी योजनाएं
- भारत का इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन — प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारत और स्वतंत्रता संग्राम
- भारत और विश्व का भूगोल — भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल
- भारतीय राजव्यवस्था और शासन — संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, लोक नीति, अधिकार
- आर्थिक और सामाजिक विकास — गरीबी, समावेश, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र
- पर्यावरण और पारिस्थितिकी — जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, पर्यावरण नीति
- सामान्य विज्ञान — बुनियादी विज्ञान की रोज़मर्रा की समझ
ध्यान दें: सिर्फ Paper I के अंक Mains के लिए कट-ऑफ तय करते हैं।
पेपर 2 — CSAT (Civil Services Aptitude Test)
- कुल प्रश्न: 80
- कुल अंक: 200
- समय: 2 घंटे
- क्वालीफाइंग नेचर: सिर्फ 33% यानी 66 अंक लाने होते हैं, इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते
मुख्य विषय:
- पठन बोध (Comprehension) — गद्यांश पढ़कर प्रश्नों के उत्तर देना
- तार्किक क्षमता और विश्लेषण — लॉजिक, पैटर्न, रीज़निंग
- सामान्य मानसिक योग्यता — पहेलियां, निर्णय लेना
- बुनियादी संख्यात्मक कौशल — Class 10 स्तर का गणित — अनुपात, प्रतिशत, औसत
- डेटा व्याख्या — टेबल, चार्ट और ग्राफ पढ़ना
CSAT को हल्के में मत लीजिए — कई अच्छे छात्र इसी में 33% नहीं ला पाते और Mains से बाहर हो जाते हैं।
भाग 2: मुख्य परीक्षा (Mains) सिलेबस
Mains परीक्षा असली परीक्षा है। यहाँ 9 डिस्क्रिप्टिव पेपर होते हैं जिनमें लिखकर उत्तर देना होता है।
अंक विभाजन:
|
पेपर |
विषय |
अंक |
प्रकृति |
|
पेपर A |
भारतीय भाषा (8वीं अनुसूची में शामिल) |
300 |
क्वालीफाइंग |
|
पेपर B |
अंग्रेज़ी |
300 |
क्वालीफाइंग |
|
पेपर I |
निबंध (Essay) |
250 |
मेरिट में जुड़ता है |
|
पेपर II |
सामान्य अध्ययन 1 |
250 |
मेरिट में जुड़ता है |
|
पेपर III |
सामान्य अध्ययन 2 |
250 |
मेरिट में जुड़ता है |
|
पेपर IV |
सामान्य अध्ययन 3 |
250 |
मेरिट में जुड़ता है |
|
पेपर V |
सामान्य अध्ययन 4 (नैतिकता) |
250 |
मेरिट में जुड़ता है |
|
पेपर VI |
वैकल्पिक विषय Paper 1 |
250 |
मेरिट में जुड़ता है |
|
पेपर VII |
वैकल्पिक विषय Paper 2 |
250 |
मेरिट में जुड़ता है |
कुल मेरिट अंक: 1750 (भाषा पेपर इसमें नहीं जुड़ते, लेकिन पास करना ज़रूरी है — न्यूनतम 25% अंक चाहिए)
निबंध पेपर (Essay)
दो निबंध लिखने होते हैं — अलग-अलग विषयों पर। विषय दार्शनिक, सामाजिक, राजनीतिक या आर्थिक हो सकते हैं। इसमें स्पष्ट सोच, सुव्यवस्थित विचार और प्रभावशाली अभिव्यक्ति को अंक मिलते हैं।
सामान्य अध्ययन 1 (GS Paper I) — भारतीय विरासत, समाज, भूगोल
- भारतीय संस्कृति — कला, साहित्य, वास्तुकला (प्राचीन से आधुनिक)
- आधुनिक भारत का इतिहास — 18वीं सदी से स्वतंत्रता तक
- स्वतंत्रता संग्राम और महत्वपूर्ण व्यक्तित्व
- विश्व इतिहास — विश्व युद्ध, औपनिवेशवाद, क्रांतियाँ
- भारतीय समाज — विविधता, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक सशक्तिकरण
- भूगोल — भौतिक, आर्थिक और जनसंख्या भूगोल
सामान्य अध्ययन 2 (GS Paper II) — शासन, संविधान, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
- भारतीय संविधान — विशेषताएं, संशोधन, मौलिक अधिकार
- केंद्र-राज्य संबंध, संघवाद
- संसद, राज्य विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका
- सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप
- स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधन
- भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध
- अंतर्राष्ट्रीय संगठन — UN, WTO, IMF आदि
सामान्य अध्ययन 3 (GS Paper III) — अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, सुरक्षा
- भारतीय अर्थव्यवस्था — योजना, संसाधन, विकास, रोज़गार
- कृषि — तकनीक, सब्सिडी, किसान की समस्याएं
- बुनियादी ढांचा — ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी — IT, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी, IP Rights
- पर्यावरण — प्रदूषण, संरक्षण, आपदा प्रबंधन
- आंतरिक सुरक्षा — आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, सीमा प्रबंधन
सामान्य अध्ययन 4 (GS Paper IV) — नैतिकता और सत्यनिष्ठा
- नैतिकता की परिभाषा और मानवीय आचरण
- अभिवृत्ति (Attitude) और उसका समाज पर प्रभाव
- सिविल सेवा में नैतिक मूल्य — ईमानदारी, निष्पक्षता, करुणा
- भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence)
- सूचना का अधिकार (RTI), आचार संहिता
- भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ
- केस स्टडी — असल प्रशासनिक परिस्थितियों में निर्णय लेना
वैकल्पिक विषय (Optional Subject)
Mains में एक Optional Subject चुनना होता है जिसके दो पेपर होते हैं — हर पेपर 250 अंक का, कुल 500 अंक।
UPSC ने 48 वैकल्पिक विषयों की सूची दी है जिसमें से आप एक चुन सकते हैं। कुछ लोकप्रिय विकल्प हैं:
- सामाजिक विज्ञान: इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र
- विज्ञान: भौतिकी, रसायन, गणित, जीव विज्ञान
- इंजीनियरिंग: सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल
- साहित्य: हिंदी, संस्कृत, उर्दू, बंगला सहित 23 भाषाओं का साहित्य
अपनी पढ़ाई के बैकग्राउंड और रुचि के अनुसार ही Optional चुनें।
भाग 3: साक्षात्कार (Interview)
Mains पास करने के बाद 275 अंकों का Interview होता है। इसमें UPSC का एक बोर्ड आपसे सवाल पूछता है। इसमें जाँचा जाता है:
- मानसिक सतर्कता और समझ
- तर्क और स्पष्ट सोच
- नेतृत्व और नैतिक ईमानदारी
- करंट अफेयर्स की जानकारी
- सार्वजनिक सेवा के प्रति आपकी समझ
अंतिम मेरिट = Mains (1750) + Interview (275) = कुल 2025 अंक
तैयारी कैसे शुरू करें?
- UPSC की आधिकारिक साइट से सिलेबस PDF डाउनलोड करें — upsc.gov.in पर जाएं → Examinations → Syllabus
- NCERT किताबें पढ़ें — Class 6 से 12 तक की History, Geography, Polity, Economy
- अखबार पढ़ें — The Hindu या Indian Express, रोज़ाना
- पिछले साल के प्रश्नपत्र हल करें — इससे पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स पता चलते हैं
- मॉक टेस्ट दें — खासकर Prelims के लिए
- नोट्स बनाएं — अपने शब्दों में छोटे-छोटे नोट्स Revision में बहुत काम आते हैं
अंतिम बात
UPSC का सिलेबस बहुत विशाल है, लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं। सिलेबस हर साल लगभग एक जैसा रहता है। जो छात्र सिलेबस को अच्छी तरह समझकर, धैर्य और अनुशासन के साथ पढ़ते हैं — वही सफल होते हैं।
याद रखें: सिलेबस आपका रोडमैप है — इसे बार-बार पढ़ें और इसी के अनुसार पढ़ाई करें।
UPSC 2026 Prelims: 24 मई 2026 | Mains: 21 अगस्त 2026 से 26 अगस्त 2026
शुभकामनाएं!